Kaayenat ka khaliq.The Creater
खरबों खरबों खरबों प्रकाश वर्ष तक फैली इस विशाल क़ायनात और इसके कायम रहने के लिए इसमे चल रहे नियम-कानून का कोई खालिक (Creator) है या ये खुद व खुद, खुद को बनाती चली जा रही है ? ये विषय विज्ञान का नही है, इसलिए ज़िम्मेदार वैज्ञानिक कभी इन सवालों में नही उलझते, बल्कि वो अपनी अक्ल और सलाहियतों का भरपूर इस्तिमाल करके ये जानने की कोशिशें करते आये है कि जीव जंतुओं और वनस्पति जगत में जीवन किन नियमों पर चल रहा है और क़ायनात में चीजें किन नियमों पर आधारित है और इनकी गति किस तरफ है ।
right-sidebar रहे दार्शनिक- तर्कवादी (rationalist ) तो वो ज़रूर अपने अपने समय क़ाल में इस क़ायनात की तख़लीक़ और खुदा के वजूद पर बात चीत और बहस ओ मुबाहिसा करते आये है । लेकिन आज जो लोग खुद को नास्तिक जमाअत में शामिल कहते-लिखते है वो न तो ढंग से विज्ञान ही पढ़ पाए है और न ही अक्ल और तर्क के मुसल्लमात से वाकिफ है , बस एक trend भर चलाये जा रहे है कि क़ायनात को बनाने और चलने वाला कोई खुदा कही है ही नही ।
अब देखते है कि अक्ल और तर्क की बुनियाद पर इस क़ायनात का कोई खालिक होना चाहिए या नही
जब हम तार्किक तौर पर अपने खुद (myself) के वजूद और आस पास की चीज़ों (all livings and non livings ) या फिर यूनिवर्स के basic material, solar system, planets and stars पर गैर ओ फिक्र करते है तो एक बात साफ दिखाई पड़ती है कि जीव जंतुओं और बेजान चीजों के अंदर पाया जाने वाला basic material,. चेतनाहीन-बे अक्ल (non-inteligent ) है, उसमें इतनी अक्ल और सलाहियत नही है कि वो माद्दा किसी खास प्लान के तहत चीजों को डिज़ाइन करता हो । लेकिन हमारे आस पास की मिट्टी से निकलने वाली बनस्पति से लेकर दूर दराज़ बनते-बिखरते तारो तक, सबमे एक पैटर्न नज़र आता है, एक डिज़ाइन दिखती है, जो बार बार रिपीट होती आ रही है ।
ठंडे और दहकते तारे के जन्म और मौत से लेकर इंसान की पैदाइश और खात्मे तक सब कुछ नियम कानून के तहत चलता दिखता है ।
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अब सीधा सा सवाल यही बनता है कि बे-अक्ल (non-inteligent ) material से एक खास नियम-कानून की पाबन्द क़ायनात और उसकी चीजें कैसे बनती गयी ? और खुद अक्ल किस matter से बनी है ??
तो तर्क ये चाहता है कि इस सारे System (time - space and conscious) के पीछे कोई ऐसा supper inteligent consciuos /first inteligent cause हो , जो इस सिस्टम का खालिक (creator) तो हो लेकिन खुद इस system के beyond हो और इस system के बनने-बिगड़ने का कोई effect उस creator पर न होता हो ।full-width
लिहाज़ा पुराने दर्शन ने उसे "अक्ल अव्वल" (First Intellect cause ) का नाम दिया और धर्म ने उसे खुदा (Elehim-Ela'ah) कहा ।
अब यहां तक तो हुई अक्ल और तर्क की बात, लेकिन इस जगह आकर बड़े बड़े नास्तिक अपना मानसिक संतुलन खो बैठते है और ज़िद में आकर बिलकुल illogical - बे-अक़्ली का सवाल उठाकर कुतर्क करने बैठ जाते है और कहते है कि अगर universe का एक Creator है तो फिर उस creator को किसने बनाया ?? उस खुदा को किसने रचा ??
Who is the creator of the creator??
बात बड़ी सीधी सी है कि जब universe अपने पूरे system समेत तख़लीक़ किया हुआ (created) साबित हुआ, तो उसका एक बनाने वाला होना चाहिए यानी एक खालिक (creator) ।
अब उस खालिक का खालिक कौन है ?? Who is the creator of this creator??
ये सवाल ही अतार्किक है
क्योंकि जब दो का ही वजूद है, एक creation और दूसरा creator तो जो खुद creator है, उसके सिवाय जो कुछ भी होगा या माना समझा जाएगा वो सब का सब creation ही होगी , मखलूक ही होगी ।
जब समय, पदार्थ, चेतना और आकार सबके सब created है तो ये सवाल कुतर्क ही कहा जायेगा कि वो खुदा (creator) कब से है ??
अब-जब-कब, तब
भूत काल, भविष्य काल और वर्तमान काल,
सब time and space में रहते हुए ही समझे जाते है और time and space अचेतन है । लिहाज़ा तार्किक तौर पर फिर यही नतीजा निकला कि जो खालिक है वो स्वयं है और दूसरे सब अस्तित्वों के वजूद का अव्वल कारण (The Cause) ।
मतलब ये कि जब वो Creator है, तो उसका creator कहाँ से होगा ?? क्योंकि उस creator के अलावा बाकी सब creation है ।
ये तो हुई अक्ल और तर्क की बात, अब खुद खालिक (creator) ने इस सब्जेक्ट पर क्या कहा उसका ब्यान होगा Next Post में left-sidebar


